पटना: मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले में करीब 11 महीने से जेल में बंद बिहार के पूर्व विधायक गुलाब यादव को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। जस्टिस चंद्रशेखर झा की बेंच ने गुलाब यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश सुनाया।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुलाब यादव को 18 अक्टूबर 2024 को दिल्ली के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया था। उसी दिन बिहार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस को भी पटना से गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने दोनों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी। जुलाई 2024 में ईडी ने गुलाब यादव के पटना, झंझारपुर और पुणे स्थित आवासों समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद बिहार की विशेष निगरानी इकाई ने भी हंस और गुलाब यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था।
ईडी का आरोप है कि गुलाब यादव संजीव हंस की अवैध कमाई में हिस्सेदार थे। हंस जिस विभाग में कार्यरत थे, वहां ठेके-पट्टे के काम में गुलाब यादव के जरिए अवैध कमाई की व्यवस्था की जाती थी। ईडी ने यह भी दावा किया कि पुणे में गुलाब यादव और संजीव हंस की साझा संपत्ति थी। हाल ही में ईडी ने हंस, गुलाब यादव, हंस की पत्नी और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का नया मामला दर्ज किया था, जिसके आधार पर दोनों को 18 अक्टूबर 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
गुलाब यादव 2015 में आरजेडी के टिकट पर मधुबनी के झंझारपुर से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 2019 में आरजेडी के टिकट पर झंझारपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन 2020 में पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने आरजेडी छोड़ दी थी। 2024 में वे बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े। उनकी पत्नी अंबिका यादव विधान पार्षद हैं, जबकि बेटी बिंदू यादव मधुबनी जिला परिषद की अध्यक्ष और मुकेश सहनी की पार्टी की नेत्री हैं।